राजा रानी की प्रेरणादायक कहानी चंपा और बांस


राजा रानी की प्रेरणादायक  कहानी चंपा और 
बांस की हिंदी कहानी 



रजा रानी की हिंदी कहानी
रजा रानी की हिंदी परेर्नादायक कहानी 







एक राजा था उसके दो रानिया थी |
रजा को कोई संतान नहीं था  इस बात को सोचकर रजा बहुत दुखी रहता था |
एक दिन की बात है एक बार एक सन्यासी आया |
रजा ने सभी मह्त्माओ का आदर सत्कार बहुत अच्छी तरह से किया एक दिन रजा ने सन्यासी को अपने दरबार में बुलाया गया |
राजा ने  को सन्यासी अपनी समस्या सुनाई...
और बड़ी रानी ने भी अपनी समस्या को सन्यासी से कहा बड़ी रानी ने सन्यासी की आदर सत्कार में बहुत अच्छी तरह से जुट गयी लेकिन, छोटी रानी ने उसका उपहास मजाक उड़ाया |

कुछ दिन रहने के बाद जब सन्यासी जाने लगे तो, बड़ी रानी को आशीर्वाद दिया..|
                                             
                                                         जल्दी ही इस महल में बच्चो की किलकारी आवाज  गूंजेगी |
समय बीतता चला गया कुछ दिन बाद बड़ी रानी गर्भवती हो गयी,और उसने दो बच्चो को जन्म दिया जिसमे की एक बेटा और एक बेटी था|
इससे राजमहल में बड़ी रानी को खूब मान सम्मान मिलने लगा  इससे छोटी रानी को दुःख और जलन होने लगा एक दिन की बात है | छोटी रानी ने राजमहल के काम करने वाली दाई नोकरानी को बुलाया और उसे धन का लालच देकर छोटी रानी ने उसे  अपनी तरफ आकर्षित कर लिया |
             
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            एक दिन की बात है जब बड़ी रानी नहीं थे तब छोटी रानी ने  मोका पाकर  दाई को बुलाकर  उससे बच्चे को मंगाया गया |  और उस बच्चे को चोकीदार के हवाले किया गया और उसे मार देने के लिए आदेश दिया  गया
जब चोकीदार बच्चे को लेकर जंगल में मारने के लिए गया |
चोकीदार दयालु था  | बच्चे को देखकर उसे दया आ गया चोकीदार उसे मारने के बजाय उसे जंगल में
फेंक दिया |
बच्चे भूख प्याश के कारन  दोनों बच्चे अपना दम तोड़ दिए   वहा ईश्वर की कृपा हुई राजकुमार बांस का पैर बन गया  और राजकुमारी चंपा के फूल का पैर बन गया |


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समय बीतता गया कुछ दिन बाद बड़ी रानी ने  एक सिपाही को  पूजा के लिए फूल तोड़ने के लिए जंगल भेजा गया  | सिपाही जंगल की और चल दिए जंगल जब पहुँचा वहा चंपा के पैर और बांस का पैर था | जब सिपाही चंपा के फूल तोड़ने लगे  तो चंपा ने अपना कद और ऊपर बढ़ा दिया | यह देखकर सिपाही को बहुत ही आश्चर्य हुआ
सिपाही वापस राजमहल में लोटकर राजा को सब बात बताया राजा  ने तुरंत अपनी दोनों रानियों को लेकर जंगल की और चल दिए |


राजा जंगल पहुच गया  राजा ने जेसे ही फूल तोड़ने के लिए अपना हाथ आगे बढाया चंपा ने बांस से कहा भैया राजा फूल तोडना चाहता है |  बांस ने कहा की तू अपना कद और ऊपर बढ़ा लो यह बात सुनकर राजा ने  कहा क्या तुम दोनों भाई बहन हो लेकिन बांस कैसे बन गए ...
उन दोनों ने राजा को साड़ी बात बताई  राजा ने त्रुंत उसकी बातो को सुनकर छोटी रानी को बंदीगृह में बंद करवा दिया गया | इतने में चंपा की नजर बड़ी रानी पर पड़ी उसने कहा भैया वो देखो बड़ी रानी फूल तोड़ने के लिए आई है | बांस ने कहा चंपा तू झुक जा यह सुनकर चंपा ने बड़ी रानी के पैर में झुक गए बांस भी झुककर बड़ी रानी के पैर को छूने लगा बड़ी रानी दोनों से लिपटकर रोने लगे जेसे ही रानी के आंसू दोनों पर पड़े वो फिर से आदमी बन गए  | रजा रानी दोनों को लेकर राजमहल की और चल दिए............
                                                                                                                                          
फ्रेंड्स आपको ये मोटिवेशन कहानी कैसी लगी | इस कहानी से आपको ये सीख मिली की कभी किसी को किसी से नफरत  नहीं और जलन नहीं करनी चाहिए |
छाहे वो स्त्री हो या पुरुष सभी से मिल-जुलकर रहना चाहिए | दोस्तों जो जैसा कर्म करता है उसे वैसा ही फल भोगना पड़ता है |  अगर आपको अच्छी लगी तो आप अपनी राय जरुर दें |
धन्यवाद मित्रो...

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