होली की शुभकामनाएँ और उससे जुडी महत्वपूर्ण तथ्य

होली की शुभकामनाएँ और उससे जुडी महत्वपूर्ण तथ्य 










हेलो मित्रो,
             सबसे पहले तो  Apnahelp  की और से सभी दोस्तों को और उनके सभी परिवारों को होली की 
 बहुत - बहुत शुभकामनाएँ ....
फ्रेंड्स आज हमलोग  इस आर्टिकल में होली क्या है और इसे कैसे मनाये जाते हैं | इससे जुडी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य को जानेंगे |  





होली क्या है और इसे कैसे मनाये जाते हैं ?

होली हिन्दुओ का सबसे एक  पर्मुख एवं महत्वपूर्ण पर्व है | हली का पर्व वर्ष में एक बार आता है जिस पर्व को लोग बहुत ही उल्लाशपूर्ण ढंग से मनाता है |
 होली में लड़के और लड़कियां दोनों ही इस इस त्यौहार को मानते हैं | यह पर्व धार्मिक और सामाजिक पर्व है | 
इस पर्व  को बच्चे हो या बूढ़े और नोजवान सभी लोग एक दुसरे को गुलाल अबीर और रंगों का लगाकर इस होली के मानते हैं |








यह पर्व बहुत ही खुशियों का पर्व है | होली का त्यौहार फाल्गुन माह में मनाया जाता है | जब फाल्गुन माह के अंत में पूर्णिमा होती है उसी दिन ये पर्व मनाया जाता है | होली के त्यौहार मानाने का समय भी बहुत ही शुहावना होता है | होली मनाने के मोसम भी आनंददायक होता है, यह मोसम में आपको न ही ठंढ का असर लगेगा न ही गर्मी का असर लगेगा | 
इस मोसम में पैर-पोधे में फुल तथा पत्तियाँ आने लगते हैं
                                   आम और लीची जेसे  पैरो में मंजर का आना शुरू हो जाता है | 
और कोयल भी अपनी मीठी आवाजो के कु कु से आपके मन को मोह लेती है | सचमुच में यह त्यौहार बहुत ही महत्वपूर्ण है |




होली क्यों मनाई जाती है इससे जुडी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य 


फ्रेंड्स बहुत सी ऐसी पर्व-त्यौहार हैं जो की प्राचीन काल से जुडी हुई है इसी तरह होली पर्व भी प्राचीन काल से जुडी हुई है तो आयिए जानते है क्या है इसके तथ्य 



                                         कहा जाता है की प्राचीन काल में एक राजा था 
जिसका नाम था ह्रिय्नक्श्य्प वो बहुत ही दुष्ट राजा था | जो अपने आप को शक्तिशाली समझता था 
वो चाहता था की उसकी तीनो लोको में भगवान् की तरह पूजा हो |



ह्रिय्नाक्श्यप  को एक बेटा भी था जिसका नाम - प्रह्लाद था लेकिन, वो भगवान् विष्णु की पूजा करता था |
जबकी हृय्नकश्यप बिष्णु दुश्मन था वो कभी भी नहीं चाहता था की  बिष्णु  की  पूजा करे |
हृय्नकश्यप के लाख  मना करने के  बावजूद भी वो भगवान् बिष्णु की  पूजा करना  बंद नहीं कीया |


  इस पर हृय्नकश्यप क्रोध  हो गया | हृय्नकश्यप को  एक बहन भी था जिसक नाम था - होलीका 
होलिका  कभी आग में नहीं जल सकती  थी |
परह्लाद को मारने के लिए रिय्नाक्ष्य्प- ने होलिका को परह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाने के लिए कहा गया |



ताकि परह्लाद जल जाए | लेकिन ऐसा नहीं हुआ होलिका आग में जलकर भस्म हो गया जबकि, परह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ क्योंकि उसपर तो भगवान् बिष्णु की दया  जो था |





फ्रेंड्स आपको ये आर्टिकल कैसा लगा आप कमेन्ट के माध्यम से जरुर बताए |
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2 comments

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March 12, 2017 at 8:41 AM ×

दोस्तों आप सभी को apnahelp.com और jeetApki.com की तरफ से होली की बहुत बहुत बधाइयां |

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Babita Singh
admin
March 13, 2017 at 8:43 PM ×

बहुत खुबसूरत अंदाज में होली से जुडे तथ्यों को लिखा है । धन्यवाद । आपको होली की बहुत बहुत शुभकामनाएँ ।

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